शिमला।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र से पहले राजधानी शिमला में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और सत्र की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शहर को पांच प्रशासनिक सेक्टरों में विभाजित किया है, जबकि पुलिस विभाग ने चार सुरक्षा सेक्टर बनाए हैं।
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए सभी विभागों को अपने दायित्व समयबद्ध तरीके से निभाने के निर्देश दिए।
प्रशासन द्वारा बनाए गए सेक्टरों में विधानसभा परिसर से विधानसभा चौक, सिसिल होटल से अंबेडकर चौक चौड़ा मैदान, कार्ट रोड से कैनेडी चौक होते हुए चौड़ा मैदान, कार्ट रोड, लिफ्ट क्षेत्र और सीटीओ को शामिल किया गया है। इन सभी स्थानों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जो सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
विधानसभा परिसर के लिए एसडीएम शहरी ओशिन शर्मा, अंबेडकर चौक से सिसिल होटल क्षेत्र के लिए एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा व तहसीलदार संजीव गुप्ता, कैनेडी चौक से चौड़ा मैदान के लिए तहसीलदार नारायण वर्मा, कार्ट रोड व लिफ्ट बस स्टैंड क्षेत्र के लिए नायब तहसीलदार भीषम कंवर तथा सीटीओ क्षेत्र के लिए नायब तहसीलदार चांद राम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान पुलिस और होमगार्ड के जवानों की तैनाती कर दी गई है। सभी कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी तरह की सुरक्षा चूक न हो इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सत्र के दौरान सरकारी वाहनों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की जाएगी, जबकि आम लोगों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक प्लान भी लागू किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा सत्र शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है।