हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना-2027 का दूसरा चरण 30 सितंबर को होगा पूरा

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जनसंख्या गणना के अंतिम दिनों में जनगणना कर्मियों को सहयोग देने की अपील, वर्तमान निवास स्थान पर पंजीकरण सुनिश्चित करने का आग्रह

शिमला,

हिमाचल प्रदेश के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना का कार्य 1 सितंबर 2026 से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 को पूरा होगा। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आमजन से जनगणना कर्मियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है।

सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि जनगणना के दौरान नागरिक प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने विशेष रूप से लोगों से आग्रह किया कि वे अपने वर्तमान निवास स्थान पर ही जनगणना में पंजीकरण सुनिश्चित करें, ताकि प्रत्येक व्यक्ति की सही गणना हो सके और कोई भी व्यक्ति जनगणना से छूट न जाए।

व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय

प्रवक्ता ने बताया कि जनगणना अधिनियम-1948 के प्रावधानों के तहत जनगणना के दौरान एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतया गोपनीय होती है। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों, विकास योजनाओं और नीति निर्माण के लिए किया जाता है।

उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान उपलब्ध कराई गई व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग किसी व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता। साथ ही, ये रिकॉर्ड सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत भी साझा नहीं किए जा सकते।

विकास और नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है जनगणना

सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके आंकड़े योजना निर्माण, नीतियां तैयार करने और देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि जनगणना के सफल संचालन के लिए प्रत्येक नागरिक का सहयोग आवश्यक है। विशेष रूप से जनसंख्या की आवासीय स्थिति की स्पष्ट और सटीक जानकारी प्राप्त करना जरूरी है, ताकि जनगणना के आंकड़े वास्तविक स्थिति को सही ढंग से दर्शा सकें।

सरकार ने आमजन से अपील की है कि जनगणना कर्मियों के साथ सहयोग करते हुए समय पर सही जानकारी उपलब्ध करवाएं और जनगणना-2027 के इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में अपना योगदान दें।