बाहरा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 577 विद्यार्थियों को डिग्रियां, राज्यपाल ने राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का किया आह्वान

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सोलन,

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने युवाओं से शिक्षा और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण, सामाजिक विकास तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं में नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी होनी चाहिए।

राज्यपाल सोलन जिले में बाहरा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 577 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

डिग्री के साथ कौशल और नैतिक मूल्य भी जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा के एक चरण का समापन है, लेकिन इसके साथ जीवन में नई संभावनाओं, चुनौतियों और जिम्मेदारियों की शुरुआत भी होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों पर बधाई देते हुए माता-पिता और शिक्षकों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में युवाओं को लगातार सीखने और अपने कौशल को विकसित करने की जरूरत है। विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहते हुए नए विचारों, तकनीकों और अवसरों को अपनाना चाहिए।

नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले बनें युवा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने युवाओं से देश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल रोजगार पाने तक सीमित न रहें, बल्कि उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में भी आगे बढ़ें।

राज्यपाल ने कहा कि व्यक्तिगत और व्यावसायिक सफलता का महत्व तब और बढ़ जाता है, जब उससे समाज के व्यापक हित और देश के विकास में योगदान मिलता है। उन्होंने युवाओं को अपनी शिक्षा, प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षा और अनुसंधान के केंद्र के रूप में उभरा बाहरा विश्वविद्यालय

राज्यपाल ने बाहरा विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि सितंबर 2010 में बाहरा एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसाइटी के अंतर्गत स्थापित यह संस्थान शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ा है।

विश्वविद्यालय में वर्तमान में 10 स्कूल, 16 विभाग और 60 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित हैं। यहां लगभग 4,000 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बनाए रखने, अपने माता-पिता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और शिक्षकों के विश्वास का सम्मान करने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह नई जिम्मेदारियों की शुरुआत

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से देश की प्रगति में सार्थक योगदान देने की अपील की।

इससे पहले विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार गुरविंदर सिंह बाहरा ने राज्यपाल का स्वागत किया। कुलपति प्रो. आर.पी. नांटा ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी।

समारोह में पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना, सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।