एचपी शिवा परियोजना के 3000 हेक्टेयर का काम 28 फरवरी तक पूरा करने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

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शिमला,

हिमाचल प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित एचपी शिवा परियोजना के पहले चरण को समय पर पूरा करने के लिए सरकार ने समय-सीमा तय कर दी है। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जनशिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सभी गतिविधियां 28 फरवरी, 2027 तक पूरी कर किसानों को क्लस्टर सौंपे जाएं। निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और ऊना जिलों के अधिकारियों ने भाग लिया। एशियाई विकास बैंक के वित्तपोषण से चल रही यह परियोजना प्रदेश के सात जिलों में लागू की जा रही है।

2,700 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित, 1,900 हेक्टेयर में पौधारोपण पूरा

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के प्रथम चरण में 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से लगभग 2,700 हेक्टेयर क्षेत्र में विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 1,900 हेक्टेयर में पौधारोपण किया जा चुका है।

शेष क्षेत्र में पौधारोपण का काम जनवरी-फरवरी 2027 तक पूरा करने की योजना है। यहां मुख्य रूप से प्लम और पर्सिमन जैसी सर्दियों के मौसम में लगाई जाने वाली फल फसलों के पौधे लगाए जाएंगे।

परियोजना के तहत 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए कुल 331 क्लस्टर निर्धारित किए गए हैं। इनसे लगभग 10,646 किसान परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

दूसरे चरण के लिए 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान

बैठक में एचपी शिवा परियोजना के दूसरे चरण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण के लिए करीब 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की जा चुकी है और 2,153 हेक्टेयर में सर्वेक्षण का कार्य जारी है।

लगभग 1,500 हेक्टेयर क्षेत्र की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर तकनीकी मंजूरी के लिए एशियाई विकास बैंक को भेजी गई है। बैंक से स्वीकृति मिलने के बाद अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से निविदा प्रक्रिया शुरू करने की योजना है।

जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूसरे चरण के कार्यों को समय पर शुरू करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जाएं।

घटिया पौध सामग्री की खरीद पर रोक

बागवानी मंत्री ने पौधों की गुणवत्ता को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में निम्न गुणवत्ता वाली पौध सामग्री नहीं खरीदी जानी चाहिए। उन्होंने नर्सरी संचालकों से भी तकनीकी मानकों और निर्धारित विशिष्टताओं के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के पौधे उपलब्ध करवाने को कहा।

बैठक में सौर बाड़बंदी, खेतों की तैयारी, ड्रिप सिंचाई, लिफ्ट सिंचाई योजनाओं और अन्य निर्माण एवं आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों और ठेकेदारों की तय होगी जवाबदेही

जगत सिंह नेगी ने फील्ड अधिकारियों और परियोजना प्रबंधन इकाई को निर्देश दिए कि परियोजना के सभी घटकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के सभी 331 क्लस्टरों को पूरी तरह तैयार कर किसानों को हस्तांतरित करना सुनिश्चित किया जाए।

मंत्री ने 28 फरवरी, 2027 को अंतिम समय-सीमा निर्धारित करते हुए स्पष्ट किया कि तय तारीख तक कार्य पूरा नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बागवानी विभाग के निदेशक सतीश कुमार, एचपी शिवा परियोजना निदेशक समीर सिंह, प्रोक्योरमेंट अधिकारी मनोज शर्मा और सातों जिलों के उपनिदेशक उपस्थित रहे।