रामपुर बुशहर,
हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने पेंशनरों की लंबित देनदारियों और अधिकारों को लेकर प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत शिमला जिले के रामपुर बुशहर से की। समिति का उद्देश्य गांव-गांव और पंचायत स्तर तक पहुंचकर पेंशनरों को उनके अधिकारों तथा सरकार से लंबित भुगतानों की जानकारी देना और अधिक से अधिक पेंशनरों को संगठन से जोड़ना है।
इसी कड़ी में मिनी सचिवालय स्थित मल्टीपर्पज कॉन्फ्रेंस हॉल में ब्लॉक पदाधिकारियों और सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान बुद्धि सिंह चौहान ने की, जिसमें 157 सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में समिति के प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ प्रदेश मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी और जिला शिमला संयोजक मोहन ठाकुर भी मौजूद रहे।
गांव-गांव बनाई जाएंगी छोटी समितियां
प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने बताया कि 18 सितंबर को बिलासपुर में प्रदेश के 18 विभिन्न संगठनों की राज्य स्तरीय बैठक प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित हुई थी। बैठक में प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के तहत अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत रामपुर बुशहर से की गई है।
उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान को तेज किया जाएगा। इसके साथ ही गांव और पंचायत स्तर पर छोटी-छोटी समितियों का गठन कर पेंशनरों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
2 अक्टूबर को ठियोग में होगा पेंशनर संघर्ष संकल्प दिवस
भूपराम वर्मा ने बताया कि 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर ठियोग में पेंशनर संघर्ष संकल्प दिवस मनाया जाएगा। इसमें शिमला जिले के विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारी और सदस्य भाग लेंगे।
बैठक के दौरान समिति ने पेंशनरों की लंबित देनदारियों और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए संगठन को और मजबूत करने पर भी चर्चा की।
प्रेस वार्ता में की गई टिप्पणी की निंदा
बैठक में 23 सितंबर 2026 को हुई एक प्रेस वार्ता में एक पेंशनर संगठन से जुड़े व्यक्ति द्वारा शिक्षक के प्रति कथित अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर भी प्रस्ताव पारित कर निंदा की गई। समिति ने कहा कि इस मामले को लेकर आगामी समय में संबंधित व्यक्ति का घेराव किया जाएगा।
बैठक में महामंत्री अमोलक राम, मान दास बुशैहरी, राजेंद्र ठाकुर, ज्ञान चंद बलैई, मदन बुशैहरी, लायक राम नेगी, जन्मदेव शर्मा, बुद्धि सिंह मेहता, शकुंतला देवी, सुना देवी, पार्वती देवी, कान्त देवी, रतन दास, प्रेम दास, कैलाश जोशी, चेत राम, श्याम लाल, निरम दास, मोहन जोशी, सैज राम, छटटू राम, बिहारी लाल, बालक राम मुसाफिर, गोपाल चौहान, भूपेंद्र महाजन, बेली राम बुशैहरी, तारा चंद भंडारी, कर्म चंद, पदम दास सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।