रामपुर,
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के तकलेच पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण कतारों में खड़े होकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन करने पहुंचे। इस दौरान विभिन्न स्थानीय प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों को संबोधित करते हुए तकलेच स्कूल को सीबीएसई के अंतर्गत लाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर और सीबीएसई आधारित शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए अभिभावकों को अक्सर उन्हें शहरों में भेजना पड़ता है। इससे बच्चों को गांव से बाहर भेजने की मजबूरी के साथ परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र में सीबीएसई स्कूल शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, ताकि गांवों में रहने वाले बच्चों को अपने घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन को कम करने में मदद मिलेगी और अभिभावकों के शिक्षा संबंधी खर्च में भी कमी आएगी।
तकलेच में नए बस स्टैंड के लिए होगा सर्वे
मुख्यमंत्री ने तकलेच में नया बस स्टैंड बनाने की मांग पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए पहले सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बस स्टैंड के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
स्थानीय प्रतिनिधिमंडलों द्वारा रखी गई विभिन्न मांगों पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के संपर्क मार्गों के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सीएचसी तकलेच का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने तकलेच स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण भी किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाओं के लिए शहरों की ओर निर्भर न रहना पड़े।