सोलन
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने सोलन जिले के गण की सेर स्थित माधव सृष्टि बहु-आयामी शिक्षण संस्थान परिसर में नवनिर्मित प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का लोकार्पण किया। यह संस्थान विद्या भारती हिमाचल के संचालन में शिक्षा, स्वास्थ्य, योग, कौशल विकास और सेवा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने हिमाचल शिक्षा समिति, विद्या भारती और इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का लोकार्पण उनके सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के विचारों को याद करने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि गांधी जी के लिए सेवा किसी विशेष दिन तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह उनके जीवन दर्शन का हिस्सा थी। राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के साथ महात्मा गांधी के संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रदेश में उनकी यात्राओं से जुड़े ऐतिहासिक पहलुओं के शोध और दस्तावेजीकरण के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने ‘गांधी इन शिमला’ पुस्तक के लेखक विनोद भारद्वाज को हिमाचल के इतिहास के इस महत्वपूर्ण पक्ष को सामने लाने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।
शिक्षा में संस्कार और चरित्र निर्माण पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान हासिल करना अथवा रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से बच्चों में चरित्र, अनुशासन, आत्मविश्वास, राष्ट्रीय चेतना और सेवा भावना विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में हिमाचल शिक्षा समिति द्वारा विद्या भारती के मार्गदर्शन में 178 सरस्वती विद्या मंदिर संचालित किए जा रहे हैं।
माधव सृष्टि परिसर में शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, योग, गौ-सेवा, औषधीय पौधों और कौशल विकास को जोड़ने के प्रयासों की राज्यपाल ने सराहना की। उन्होंने कहा कि माधव गौशाला देशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन में योगदान दे रही है। गौ-आधारित उत्पाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में भी उपयोगी हो सकते हैं।
योग और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने पर जोर
माधव योग आश्रम का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा तनावपूर्ण जीवनशैली में योग, प्राणायाम और ध्यान की उपयोगिता और बढ़ गई है।
राज्यपाल ने योग भारती हिमाचल प्रदेश के संस्थापक श्रीनिवास मूर्ति के प्रयासों की भी सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने पारंपरिक औषधीय पौधों से जुड़े ज्ञान के संरक्षण के लिए संचालित माधव वनस्पति विहार की पहल को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि नया प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र माधव सृष्टि परिसर की सेवा गतिविधियों को विस्तार देगा। किसी भी ऐसी परियोजना की सफलता का आकलन इस बात से होना चाहिए कि उसका लाभ कितने लोगों तक पहुंच रहा है और उससे स्थानीय समुदाय के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
युवाओं से योग और खेलों को जीवन में शामिल करने का आह्वान
राज्यपाल ने युवाओं से पढ़ाई के साथ योग और खेलों को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और मजबूत चरित्र किसी भी मजबूत समाज की बुनियाद हैं।
उन्होंने कहा कि माधव सृष्टि परिसर को केवल एक शिक्षण संस्थान के रूप में नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
इससे पहले विद्या भारती के अखिल भारतीय महामंत्री देशराज ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के सरस्वती विद्या मंदिरों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा की भावना पर भी जोर दिया जा रहा है।
योग भारती हिमाचल प्रदेश के संस्थापक श्रीनिवास मूर्ति ने योग के महत्व और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। हिमाचल शिक्षा समिति के अध्यक्ष मोहन केष्टा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल, सोलन नगर निगम की महापौर सुषमा शर्मा, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक टी. साई दत्तात्रेय सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।