शिमला,
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा चलाए जा रहे “नशा मुक्त हिमाचल” अभियान को गति देते हुए, गुरुवार को श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय में ‘चिट्टा विरोधी शपथ समारोह’ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने की। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को नशा व ‘चिट्टा’ के खिलाफ शपथ दिलाई गई।
सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति — नरदेव कंवर की चेतावनी
अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नशे के व्यापार और खासकर ‘चिट्टा’ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी मुहिम नहीं बल्कि “समाज को बचाने का अभियान” है, जिसमें हर परिवार की भागीदारी जरूरी है।
निर्माण श्रमिकों तक संदेश पहुँचाने के निर्देश
नरदेव कंवर ने श्रम कल्याण अधिकारियों से कहा कि
- यह संदेश निर्माण श्रमिकों व उनके परिवारों तक पहुँचाया जाए
- ताकि मेहनतकश वर्ग इस नशे की बुराई से बच सके
उन्होंने कहा कि बोर्ड का दायरा सिर्फ आर्थिक लाभ देना नहीं, बल्कि श्रमिकों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा भी है।
“यह नैतिक कर्तव्य है”—नरदेव कंवर
अपने संबोधन में उन्होंने कहा:
“मुख्यमंत्री हर नागरिक से नशे के खिलाफ जंग में साथ आने का आह्वान कर रहे हैं। हमारा नैतिक दायित्व है कि हम समाज और कार्यस्थल को नशा मुक्त बनाएं।”
संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने का सामूहिक वचन
समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि—
- नशा तस्करी की संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत रिपोर्ट करेंगे
- समाज में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाएंगे
- ‘चिट्टा’ रोकथाम में सरकार का सहयोग करेंगे