नागपुर,
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने नागपुर स्थित महर्षि व्यास सभागार में आयोजित भारतीय युवा संसद राष्ट्रीय सत्र को संबोधित करते हुए युवाओं से मातृभाषा पर गर्व करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
यह कार्यक्रम भारतीय युवा संसद-मीडिया फाउंडेशन और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 600 युवाओं ने भाग लिया।
“भाषा राष्ट्र की आत्मा है”
राज्यपाल ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा, स्मृति और पहचान होती है। उन्होंने युवाओं में मातृभाषा के प्रति झिझक पर चिंता जताते हुए कहा,
“अंग्रेजी सीखना अच्छी बात है, लेकिन अपनी भाषा की कीमत पर नहीं।”
प्रधानमंत्री के उदाहरण का किया उल्लेख
राज्यपाल ने नरेंद्र मोदी द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी के उपयोग को सांस्कृतिक आत्मसम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारत आज अपनी भाषा में भी आधुनिक विषयों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर नेतृत्व कर सकता है।
‘विकसित भारत 2047’ में युवाओं की भूमिका अहम
राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और प्रतिबद्धता से ही साकार होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खुद को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के भागीदार के रूप में देखें।
‘पंच परिवर्तन’ अपनाने का आह्वान
उन्होंने युवाओं को जीवन में पंच परिवर्तन—स्वबोध, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य—को अपनाने की प्रेरणा दी।
सरकारी योजनाओं की सराहना
राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य एक समृद्ध, आत्मविश्वासी और मूल्य आधारित भारत का निर्माण करना है।
संघ संस्थापकों को दी श्रद्धांजलि
इससे पूर्व, राज्यपाल ने नागपुर स्थित स्मृति भूमि में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।