शिमला,
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आईजीएमसी शिमला से राज्य स्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि अगले 90 दिनों में 14 वर्ष आयु वर्ग की 65 हजार बालिकाओं को टीका लगाया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कर्मियों से जनजागरूकता बढ़ाने की अपील की।
कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़ते कैंसर मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस बीमारी से लड़ने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रही है। हमीरपुर में लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट ऑफ द आर्ट कैंसर अस्पताल बनाया जाएगा, जिससे मरीजों को प्रदेश के भीतर ही सस्ता और सुलभ इलाज मिल सकेगा।
8 महीनों में मेडिकल कॉलेजों में विश्वस्तरीय मशीनें
उन्होंने कहा कि अगले आठ महीनों में आईजीएमसी सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में विश्व स्तरीय तकनीक से लैस मशीनें स्थापित की जाएंगी। आने वाले तीन वर्षों में जोनल अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी में भी एम्स की तर्ज पर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हाई-एंड उपकरणों पर राज्य सरकार लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
रोबोटिक सर्जरी की भी होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के पांचों मेडिकल कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी शुरू की जाएगी। चमियाणा और टांडा के बाद 10 मार्च को आईजीएमसी में भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी। हाल ही में आईजीएमसी में 3 टेस्ला एमआरआई मशीन भी स्थापित की गई है, जिससे मरीजों को उन्नत जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
स्टाफ की भर्ती और स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के साथ नर्सों, रेडियोग्राफरों और ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट के पद स्वीकृत कर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाकर हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देना भी है, जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा और यह अभियान मेडिकल अधिकारियों की निगरानी में चलेगा।
कार्यक्रम में विधायक हरीश जनारथा, सुरेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी, मिशन निदेशक एनएचएम प्रदीप ठाकुर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।