तकनीकी संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए 35.34 करोड़ रुपये जारी: राजेश धर्माणी

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पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज और आईटीआई में मजबूत होगी आधारभूत संरचना, युवाओं को आधुनिक कौशल और रोजगार के लिए तैयार करने पर जोर

शिमला,

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रदेश सरकार तकनीकी संस्थानों की बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार प्रदाता के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग संस्थानों और आईटीआई को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं को नवाचार तथा कौशल विकास के बेहतर अवसर मिल सकें। इसी क्रम में सरकार ने विभिन्न तकनीकी संस्थानों के लिए 35.34 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।

कांगड़ा के तकनीकी संस्थानों को मिली राशि

जिला कांगड़ा में आईटीआई बैजनाथ के लिए 3 करोड़ रुपये, आदर्श आईटीआई संसारपुर-टैरेस के लिए 1.75 करोड़ रुपये, राजकीय फार्मेसी कांगड़ा में सरकारी आवास के लिए 2.29 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

इसी तरह राजकीय पॉलिटेक्निक कांगड़ा के अकादमिक ब्लॉक-बी के लिए 3 करोड़ रुपये तथा नगरोटा बगवां के बलधर में स्टेट ऑफ द आर्ट आईटीआई भवन के निर्माण के लिए 3.50 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

सिरमौर, कुल्लू, ऊना और मंडी को भी बजट

सिरमौर जिले में आईटीआई सराहां के लिए 3.71 करोड़ रुपये, आईटीआई कफोटा के लिए 5.83 करोड़ रुपये और आईटीआई कौलावाला भूड़ के लिए 3.42 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

इसके अलावा राजकीय पॉलिटेक्निक कुल्लू के छात्रावास (बॉयज) के लिए 3.58 करोड़ रुपये, आईटीआई भद्रकाली, ऊना के लिए 3.26 करोड़ रुपये तथा आईटीआई करसोग, मंडी के भवन के लिए 2 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर

राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवा नेतृत्व आधारित विकास को बढ़ावा दे रही है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध करवाकर उनके कौशल का संवर्धन किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य की रोजगार संबंधी चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। इसके लिए मजबूत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम विकसित करने के साथ विद्यार्थियों की सॉफ्ट स्किल्स पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जापान और कजाकिस्तान का कराया शैक्षणिक भ्रमण

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के तेजी से बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और वैश्विक स्तर की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए एक्सपोजर विजिट भी करवाई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के युवाओं को कजाकिस्तान और जापान का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया है। इन यात्राओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास की कार्यप्रणाली से परिचित करवाना है।