शिमला,
नेशनल हेराल्ड मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने इसे कांग्रेस के लिए राहत भरा करार दिया है। शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान नरेश चौहान ने कहा कि यह पूरा मामला एक निजी शिकायत के आधार पर चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को राजनीतिक रूप से बदनाम करना है।
नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, जबकि इस मामले में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मामले में पूरी मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED), सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक हथियार के रूप में दुरुपयोग किया है। जो भी केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करता है, उसके खिलाफ जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मनरेगा का नाम बदलने पर आपत्ति
मनरेगा योजना का नाम बदले जाने को लेकर भी नरेश चौहान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) यूपीए-1 सरकार के दौरान 2006 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को 100 दिन का रोजगार देना था।
उन्होंने कहा कि यह योजना करोड़ों लोगों के लिए रोजगार का मजबूत सहारा बनी है और इसका नाम बदलने की योजना उचित नहीं है। नरेश चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बहुमत के बल पर पूर्ववर्ती सरकारों की योजनाओं की पहचान खत्म करना चाहती है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।