HRTC को मिलेंगी 1,500 ई-बसें, ऊना में पूरी तरह इलेक्ट्रिक बस सेवा का निर्देश

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शिमला,

हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े को इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आने वाले समय में एचआरटीसी को 1,500 नई ई-बसें उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई बसों की न्यूनतम रेंज 350 किलोमीटर हो और वे प्रदेश की पहाड़ी एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप हों।

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी को पहले ही 297 ई-बसें उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं और निगम को अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी।

100 ग्रीन हाइड्रोजन और 100 सुपर डीलक्स बसें भी आएंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए नई तकनीकों पर भी काम कर रही है। इसी दिशा में 100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें और 100 सुपर डीलक्स बसें खरीदने की योजना है।

उन्होंने प्रदेश में ई-चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित किया जाए।

एचआरटीसी के अधिकारियों को 30 ई-वाहन उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने ऊना जिले और नालागढ़ स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों से संचालित करने के निर्देश दिए।

‘चालान 2 पे’ से मौके पर ही होगा डिजिटल भुगतान

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘चालान 2 पे’ पहल का शुभारंभ भी किया। नई व्यवस्था के तहत वाहन चालान की राशि का भुगतान अब मौके पर ही डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा।

इस सुविधा के जरिए लोगों को चालान के भुगतान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। चालान जारी करने वाले स्थान पर ही उपलब्ध डिजिटल माध्यम से भुगतान किया जा सकेगा।

POS मशीनों से होगा रियल-टाइम भुगतान

नई व्यवस्था के तहत परिवहन विभाग के अधिकारियों को एक्सिस बैंक की ओर से पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके माध्यम से चालान राशि का भुगतान डिजिटल तरीके से किया जाएगा।

सरकार के अनुसार प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और एकत्रित राशि सीधे राज्य कोष में जमा होगी। इससे नकद लेन-देन कम करने के साथ राजस्व संग्रह में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।

परिवहन विभाग का राजस्व करीब दोगुना

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के राजस्व में हुई बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में विभाग का राजस्व 510 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 995 करोड़ रुपये हो गया है।

मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और अधिकारियों को विभाग की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

ई-बसों से प्रति किलोमीटर 18.19 रुपये की बचत

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी प्रदेश की परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है और दुर्गम क्षेत्रों में भी लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाता है।

उन्होंने कहा कि ई-बसों का संचालन पर्यावरण संरक्षण के साथ निगम की आर्थिक स्थिति के लिए भी उपयोगी है। उनके अनुसार ई-बसों के संचालन से एचआरटीसी को प्रति किलोमीटर 18.19 रुपये की बचत हो रही है।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, निदेशक परिवहन नीरज कुमार, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक शिवम प्रताप सिंह, एक्सिस बैंक के राज्य प्रमुख वरुण शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।