राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एम्स बिलासपुर के पहले स्नातक बैच को दीं उपाधियां

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बिलासपुर,

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संस्थान के पहले स्नातक बैच के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। इस अवसर पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

समारोह में कुल 92 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 43 एमबीबीएस, 26 बीएससी ऑनर्स नर्सिंग, 9 बीएससी एलाइड हेल्थकेयर तथा 14 एमडी/एमएस विद्यार्थी शामिल रहे। राष्ट्रपति ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किए।

इन विद्यार्थियों को मिले स्वर्ण पदक

एमबीबीएस में सागरिका और रक्षित वशिष्ठ, बीएससी एलाइड हेल्थकेयर साइंस में भावना ठकराल, बीएससी ऑनर्स नर्सिंग में भाव्या मल्होत्रा तथा एमडी कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन में प्रतीक गोयल को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।

राष्ट्रपति ने सभी स्नातकों, उनके माता-पिता, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह संस्थान की चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ती भूमिका का महत्वपूर्ण अवसर है।

राज्यपाल ने एम्स बिलासपुर के योगदान को सराहा

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह पर संस्थान को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की मौजूदगी ने इस अवसर की गरिमा और महत्व को और बढ़ाया है।

राज्यपाल ने कहा कि एम्स बिलासपुर हिमाचल प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान से हिमाचल के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों और दूरदराज एवं जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि एम्स बिलासपुर की स्थापना से पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध होने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।

2022 में राष्ट्र को समर्पित हुआ था एम्स

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 अक्तूबर 2022 के बिलासपुर दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी अवसर पर एम्स बिलासपुर को राष्ट्र को समर्पित किया गया था। उन्होंने कहा कि संस्थान का पहला दीक्षांत समारोह उस विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

उन्होंने एम्स बिलासपुर के संकाय सदस्यों, चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान की भी सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि कम समय में संस्थान ने चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत की है।

विद्यार्थियों से सेवा भावना को प्राथमिकता देने का आग्रह

राज्यपाल ने स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री हासिल करने के साथ उनके ऊपर समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी बढ़ती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने पेशेवर जीवन में करुणा, संवेदनशीलता और सेवा भावना को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि एम्स बिलासपुर के ये स्नातक अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे।

CM सुक्खू और नड्डा ने भी दी बधाई

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भी एम्स बिलासपुर के स्नातकों और संस्थान को प्रथम दीक्षांत समारोह के लिए शुभकामनाएं दीं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पहले बैच के विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा पूरी होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में एम्स संस्थानों के विस्तार पर लगातार काम हुआ है। नड्डा के अनुसार, लंबे समय तक देश में केवल एक एम्स था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 16 नए एम्स स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने स्नातकों से एम्स बिलासपुर की प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने और अपने पेशेवर जीवन में उत्कृष्टता तथा सेवा के मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया।

समारोह में एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रो. नरेंद्र कुमार अरोड़ा, कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह, संस्थान के संकाय सदस्य, विद्यार्थी और उनके अभिभावक भी मौजूद रहे।