शिमला ,
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इसलिए यहां विकास परियोजनाओं की लागत अन्य राज्यों की तुलना में अधिक होती है। ऐसे में एक जैसे मापदंड लागू करना उचित नहीं है।
जेजेएम 2.0 के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर
भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश के बीच जल जीवन मिशन 2.0 के तहत नई दिल्ली में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान सीएम सुक्खू और मुकेश अग्निहोत्री वर्चुअली जुड़े, जबकि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रदेश की ओर से जल शक्ति विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन और केंद्र सरकार की ओर से संयुक्त सचिव स्वाति नायक ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
2028 तक लागू होगी योजना
जेजेएम 2.0 को दिसंबर 2028 तक लागू किया जाएगा। इसके तहत पेयजल से जुड़ी अधोसंरचना के पुनर्निर्माण और ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है।
केंद्र से 1227 करोड़ जारी करने की मांग
सीएम सुक्खू ने केंद्र सरकार से जेजेएम के तहत लंबित 1,227 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कई योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन उनका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।
पंचायती राज संस्थाओं को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने बताया कि सरकार जल आपूर्ति योजनाओं के प्रबंधन में पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी को बढ़ावा दे रही है, जिससे ग्रामीण स्तर पर व्यवस्थाएं और मजबूत होंगी।